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पेयजल संकट पर पार्षदों का नगर निगम में हल्ला बोल

सोनीपत

सोनीपत : गर्मी और उमस बढ़ने के साथ ही शहर के कई हिस्सों में पेयजल का संकट भी गहराने लगा है। नगर निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों से बार-बार शिकायत के बाद भी समाधान नहीं होने पर सोमवार को वार्ड पार्षदों ने नगर निगम में हल्ला बोला। पार्षदों ने नगर आयुक्त का घेराव कर निगम परिसर में धरना दिया। उन्होंने तत्काल पेयजल की समस्या का समाधान करने, सप्लाई सुचारू होने तक टैंकरों की व्यवस्था करने और सभी वार्डों में सीवर व पानी की दिक्कत को लेकर एसडीओ स्तर के अधिकारी से सर्वे कराने की मांग की। नगर आयुक्त जगदीश शर्मा के आश्वासन पर पार्षद शांत हुए और घरों को लौटे।

जिले में इन दिनों भीषण गर्मी और उमस से लोग परेशान हैं। ऐसे में नगर निगम क्षेत्र के कई वार्डों में पेयजल की सप्लाई सुचारू रूप से नहीं हो पा रही है। साथ ही कई वार्डों में सीवर की भी समस्या बनी हुई है। इस गर्मी में पेयजल की कमी से जूझ रहे लोग अपने वार्ड पार्षदों से जवाब-तलबी करते हैं तो उनके पास कोई ठोस जवाब नहीं होता है। ऐसे में सोमवार को वार्ड संख्या एक, पांच, छह, सात, 10, 13 और 16 के पार्षद व उनके प्रतिनिधि वार्ड वासियों के साथ नगर निगम कार्यालय पहुंचे और नगर आयुक्त कार्यालय का घेराव कर धरना दिया। वार्ड के पार्षद हरिप्रकाश सैनी ने कहा कि मार्च में पानी को लेकर बैठक हुई थी, लेकिन तीन माह बीतने के बाद भी बैठक में लिए गए निर्णय पर अमल नहीं हुआ। अब तक बूस्टिंग स्टेशन के मोटर तक नहीं बदले गए हैं। इसी तरह वार्ड पांच के पार्षद मुकेश सैनी ने कहा कि वार्ड में पेयजल की किल्लत से लोग परेशान हैं। लोगों की सुविधा के लिए जब नगर निगम से पानी के टैंकर मंगाए जाते हैं तो वह भी समय पर नहीं आते। उन्होंने एक दिन पहले का ही उदाहरण दिया कि सुबह करीब 10 बजे टैंकर के लिए फोन किया गया, लेकिन टैंकर शाम को सात बजे आया। इसी तरह वार्ड 16 की पार्षद के प्रतिनिधि ने बताया कि सीवर व्यवस्था चौपट हो गई है। वार्ड में मैनहोल के ढक्कन टूटकर सीवर के अंदर चले गए हैं। इससे सीवर जाम, लेकिन बार-बार कहने के बाद भी इसे ठीक नहीं किया जा रहा है। पार्षदों ने सभी वार्डों का सर्वे करवाकर पानी, सीवर और स्ट्रीट लाइटों की समस्या का तुरंत समाधान कराने की मांग की है।

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महापौर ने अधिकारियों से किए जवाब-तलब :

महापौर निखिल मदान ने नगर निगम सोनीपत कार्यालय में पेयजल समस्या को लेकर सभी अधिकारियों की बैठक लेकर उनसे जवाब-तलब किया। महापौर ने पेयजल की समस्या के लिए अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए जल्द इसका समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले उन्होंने खुद अधिकारियों के साथ मुरथल रोड के बूस्टर स्टेशन और शहर के अन्य बूस्टर स्टेशनों का दौरा किया था। सभी खराब पड़े ट्यूबवेल की मरम्मत और आवश्यकतानुसार नए ट्यूबवेल लगाने के आदेश दिए थे, लेकिन अधिकारियों के ढीले रवैये के चलते हालत जस के तस हैं। महापौर ने संयुक्त आयुक्त सुभाष चंद्र और एसई अशोक रावत को निर्देश दिए कि मुरथल रोड बूस्टर स्टेशन के साथ-साथ सभी ज्यादा समस्या वाली कालोनियों में तुरंत नई मोटर लगाकर पेयजल आपूर्ति को नियमित की जाए। यमुना में जल स्तर कम होने के चलते जाजल रेनीवेल प्रोजेक्ट से कम पानी आ रहा है उसको बढ़ाने के लिए अधिकारी सिचाई विभाग से सम्पर्क करें। पेयजल लाइन की मरम्मत के दौरान वाल्ब खराब होने के चलते पेयजल आपूर्ति बाधित न हो इसलिए कम से कम 25 अतिरिक्त वाल्ब निगम के स्टोर में रखे जाएं। महापौर मदान ने कहा कि सभी पार्षद अधिकारियों की मनमानी से परेशान हैं। वे पार्षदों के साथ खड़े हैं और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ा कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे। बैठक में नगर आयुक्त जगदीश शर्मा, एक्सईन पंकज सैनी, जसवंत, अभिषेक, एसडीओ सतीश, रमेश, नरेंद्र, देवेंदर खासा, जेई परविदर, प्रदीप शर्मा, सूर्या धनखड़, कृष्ण दहिया, अतुल कुमार, संदीप राठी, काजल, संदीप खोखर, जतिन आदि मौजूद रहे।

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