कचरा उठान और निस्तारण को संसाधन नहीं जुटा पाई कई पंचायतें

गन्नौर सोनीपत

गोहाना : प्लानिंग और संसाधनों के अभाव में उपमंडल के अधिकतर गांवों में स्वच्छ गांवों का सपना साकार नहीं हो पाया है। अधिकतर पंचायतों के पास घर-घर और गलियों से कचरा उठाने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। बजट के अभाव में अधिकतर पंचायतें कचरा निस्तारण की योजना भी नहीं बना पाई हैं। स्वच्छता व्यवस्था को सुधारने को ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के अधिकारी गांवों में कचरा उठान और निस्तारण के लिए प्राइवेट एजेंसी से अनुबंध करने की तैयारी कर रहे हैं।

शहरों की तर्ज पर गांवों में भी घर-घर से कचरा उठाने की योजना है। कुछ गांवों में पंचायतों द्वारा अपने स्तर पर कचरा उठाने के लिए संसाधन जुटाए गए। कुछ गांवों में कचरे के निस्तारण के लिए डंपिग प्वाइंट भी बनाए गए हैं। वहां गीले व सूखे कचरे को अलग-अलग बांटा जाता है। अधिकतर गांवों में संसाधनों की अभाव में घर-घर से कचरा उठाने और उसके निस्तारण का काम सुचारु नहीं हो रहा है। पिछले दिनों अधिकारियों ने पंचायतों को कचरा उठाने व निस्तारण के लिए संसाधन जुटाने को कहा था। पंचायतें बजट के अभाव में संसाधन नहीं जुटा पाई। इसके बाद अधिकारियों के सामने यह चुनौती बन गई, अगर पंचायतों को संसाधन उपलब्ध करवा दिए जाएं तो उनके रखरखाव की जिम्मेदारी कौन लेगा। विभाग अब गांवों में कचरा उठान से लेकर निस्तारण तक के कार्य को प्राइवेट एजेंसी को सौंपने की तैयारी कर रहा है। कचरे का साथ-साथ निस्तारण कराने की योजना

कई गांवों में पंचायत के पास जमीन नहीं है। ऐसे में कचरे को डालने और निस्तारण को लेकर समस्या आ सकती है। इस समस्या के समाधान को लेकर अधिकारी चार से पांच गांवों को जोड़कर एक एजेंसी को ठेका देंगे। एजेंसी को कचरा जमा न करके उसका साथ-साथ निस्तारण करना होगा।

उपमंडल में 89 पंचायतें आती हैं। कुछ गांवों में कचरे का उठान व निस्तारण चल रहा है। कुछ पंचायतें इसमें रुचि नहीं ले रही हैं। गांवों में कचरा उठान और निस्तारण के लिए प्राइवेट एजेंसी से अनुबंध करने की तैयारी की जा रही है।

– मनोज कौशल, बीडीपीओ गोहाना खंड

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