farmer agitation

किसान आंदोलन को लेकर जीटी रोड पर बदला वाहनों का रूट

दिल्ली एनसीआर ब्रेकिंग न्यूज़ राजनीति सोनीपत

सोनीपत : किसान संगठनों के दिल्ली कूच और राई एजुकेशन सिटी में किसानों के ठहराव की घोषणा को लेकर जिला प्रशासन ने एहतियातन कई कदम उठाए हैं। दिल्ली कूच के दौरान जीटी रोड के जाम होने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने इस रोड से गुजरने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक रूट तय कर दिए हैं। साथ ही पूरे जिले में 27 नवंबर तक के लिए धारा-144 लागू करते हुए ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी नियुक्त कर दिए गए हैं। अपने आदेश में उपायुक्त ने कहा कि कोई भी व्यक्ति धारा-144 का उल्लंघन करेगा तो उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत केस दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बुधवार को भी जीटी रोड से गुजरने वाले वाहनों की सघन चेकिग की गई। सिघु बार्डर पर दिल्ली में प्रवेश से पहले वाहनों की जांच के अलावा चालक व सवारियों से भी पूछताछ की जा रही थी। यहां बड़े-बड़े बैरिकेट लगाकर वाहनों को रोका गया और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली की सीमा में बीएसएफ के जवान भी तैनात किए गए हैं। संघु बार्डर से दिल्ली में नहीं प्रवेश करेंगे वाहन :

एहतियात के तौर पर प्रशासन ने जीटी रोड से गुजरने वाले वाहनों के रूट बदल दिए हैं। वाहन सिघु बार्डर से दिल्ली की सीमा में नहीं प्रवेश कर पाएंगे। पानीपत की ओर से दिल्ली जाने वाले वाहन गन्नौर से पहले हलदाना बार्डर से वापस करते हुए समालखा, इसरना, गेहाना, खरखौदा या रोहतक होते हुए दिल्ली की ओर जा सकेंगे। इसी तरह जो वाहन गन्नौर तक आ गए या इस क्षेत्र से दिल्ली जाने वाले वाहनों को गन्नौर शहर से गुमड़, कैलाना, डबल नहर पुल होते हुए बड़वासनी, रोहट, खरखौदा से बवाना होते हुए दिल्ली की ओर जा सकते हैं। इसके बीच से भी एक रास्ता कैलाना, डबल नहर पुल से मोई माजरी, कासंडा, खानपुर, गोहाना से खरखौदा या रोहतक होते हुए दिल्ली का भी बनाया गया है। इसके अलावा सोनीपत शहर या इसके आसपास से दिल्ली जाने वाले वाहनों को सेक्टर-14-15 डिवाइडर रोड या ट्रक यूनियन के टी-प्वाइंट से आइटीआइ चौक, राठधना, बरोटा, साफियाबाद और नरेला होते हुए दिल्ली की ओर भेजा जा रहा है। दूसरी ओर, सोनीपत से चंडीगढ़ जाने वाले वाहनों को भी खरखौदा, रोहट, बड़वासनी, डबल नहर पुल, कैलाना, गुमड़ व गन्नौर होते हुए चंडीगढ़ की ओर से जा सकेंगे। जीटी रोड पर दिनभर लगा रहा जाम

किसान आंदोलन को देखते हुए जीटी रोड से गुजरने वाले वाहनों को सघन जांच के बाद ही दिल्ली में प्रवेश दिया जा रहा था। इसके लिए रोड पर जगह-जगह नाके लगाए गए हैं। इसके कारण जीटी रोड पर दिनभर जाम लगा रहा। जीटी रोड पर कुमासपुर गांव के पास, एजुकेशन सिटी, बीसवांमील और कुंडली बार्डर पर तो लंबा जाम लग गया। सिघु बार्डर दिल्ली पुलिस द्वारा बारिकी से की जा रही चेकिग के कारण प्याऊ मनियारी तक लंबा जाम लग गया। कुंडली थाना प्रभारी रवि का कहना है कि दिल्ली में प्रवेश करने वाले रास्तों पर नजर रखी जा रही है। लोग जरूरत न होने पर यात्रा से बचें ताकि परेशानी का सामान न करना पड़े।

पुलिस अधिकारी के साथ ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त :

किसानों के दिल्ली कूच के दौरान शांति बनाए रखने के लिए जिलाधीश श्याम लाल पूनिया ने ड्यूटी मजिस्ट्रेटों नियुक्त किए हैं। सभी ड्यूटी मजिस्ट्रेट का क्षेत्र विभाजन करते हुए उनके साथ एक-एक पुलिस अधिकारी की भी ड्यूटी लगाई गई है। जिलाधीश ने एसडीएम आशीष कुमार को उपमंडल क्षेत्र गोहाना की जिम्मेदारी सौंपी हैं, जिनके सहयोग के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उदय सिंह मीणा मौजूद रहेंगे। एसडीएम श्वेता सुहाग को कमासपुर चौक से कुंडली बार्डर तक दोनों ओर की जिम्मेदारी दी गई है, जिनका सहयोग अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निकिता खट्टर देंगी। एसडीएम विजय सिंह को होल्डिंग प्वाइंट राजीव गांधी एजुकेशन सिटी, राई की कमान सौंपी है, जिनके सहयोग के लिए डीएसपी विरेंद्र सिंह उपलब्ध रहेंगे। सहकारी चीनी मिल के प्रबंधक निदेशक सुरेंद्र सिंह को पुलिस स्टेशन सिटी, सदर व सिविल लाइन सोनीपत की जिम्मेदारी दी है, जिन्हें डीएसपी डा. रविद्र कुमार सहयोग देंगे। नगर निगम के संयुक्त आयुक्त सुभाषचंद्र को हलदाना बार्डर से कुंडली बार्डर तक रात्रि ड्यूटी दी गई है, जिनका डीएसपी हंसराज सहयोग करेंगे। गन्नौर के एसडीएम सुरेंद्रपाल को हलदाना बार्डर से कमासपुर चौक तक दोनों तरफ की जिम्मेदारी दी गई है, जिन्हें डीएसपी जोगेंद्र सिंह राठी सहयोग करेंगे। इसके अलावा भी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाए गए हैं। गांव सेवली में बनाया अस्थाई कारागार :

भारतीय किसान यूनियन की दिल्ली कूच को देखते हुए जिलाधीश श्याम लाल पूनिया ने हर प्रकार की स्थिति से निपटने की तैयारियों के लिए आदेश जारी किए हैं। उन्होंने सेवली स्थित आइएफसीआइ इंफ्रास्ट्रक्चर को अस्थाई कारागार बनाने के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने संबंधित भवन के मालिक को भवन का कब्जा राई के नायब तहसीलदार देने के आदेश जारी किए हैं। आपात स्थिति में इसे आंदोलनकारियों के लिए अस्थाई कारागार के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। इसके यहां की साफ-सफाई भी कराई गई है।

राष्ट्रीय राजमार्ग-44 को किसी भी सूरत में अवरूद्ध नहीं होने दिया जाएगा। यदि किसी ने कानून हाथ में लेकर ऐसा करने की कोशिश की तो उनके साथ पूर्ण सख्ती से निपटा जाएगा। किसानों से अपील की गई है कि वे कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखें। शांति भंग करने का प्रयास न करें। लोगों से भी अपील है कि वे यात्रा में फेर बदल कर लें, ताकि परेशानी से बच सकें।

– श्याम लाल पूनिया, उपायुक्त।

Source

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *