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राजभवन से नहीं मिली मंजूरी तो मुरथल यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार को देना पड़ा इस्तीफा

शिक्षा सोनीपत

सोनीपत। दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मुरथल में पिछले पांच महीने से रजिस्ट्रार की कुर्सी के लिए चल रही खींचतान में सोमवार को अचानक नया मोड़ आ गया। जहां राजभवन से रजिस्ट्रार का कार्यकाल बढ़ाने की मंजूरी नहीं मिली और उनको पांच महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण खुद ही इस्तीफा देना पड़ गया। इस तरह वीसी की ओर से कार्यकाल बढ़ाने के लिए भेजी गई फाइल पर भी कोई फैसला नहीं हुआ और रजिस्ट्रार को पांच महीने तक लंबा इंतजार करने के बाद यूनिवर्सिटी से जाना पड़ा। रजिस्ट्रार की विदाई के साथ ही कुर्सी के लिए यूनिवर्सिटी में लॉबिंग शुरू हो गई है और प्रोफेसरों ने वीसी व भाजपा कार्यालय के चक्कर काटने शुरू कर दिए हैं।

मुरथल यूनिवर्सिटी में रजिस्ट्रार प्रो. आरडी कौशिक का कार्यकाल 3 सितंबर 2020 को खत्म हो गया था, लेकिन राजभवन से उनकी जगह किसी रजिस्ट्रार की नियुक्ति नहीं की गई। उनका कार्यकाल बढ़ाने के लिए वीसी प्रो. राजेंद्र अनायत ने फाइल मंजूर करके राजभवन भेजी थी। वह फाइल उसी समय भेज दी गई थी, जब रजिस्ट्रार का कार्यकाल खत्म हुआ था। उस समय लग रहा था कि राजभवन से रजिस्ट्रार का कार्यकाल बढ़ाने की मंजूरी जल्द मिल जाएगी, लेकिन उसके इंतजार में पांच महीने से ज्यादा समय बीत गया। जब तक राजभवन से रजिस्ट्रार का कार्यकाल बढ़ाने के साथ ही वेतन तय नहीं किया जाता, तब तक उनको नए सिरे से वेतन भी नहीं दिया जा सकता था। इसलिए ही रजिस्ट्रार को पिछले पांच महीने से वेतन भी नहीं मिल रहा था। इस तरह से यूनिवर्सिटी में पिछले पांच महीने से काफी खींचतान चल रही थी, जिसमें रजिस्ट्रार ने लंबा इंतजार करके आखिर में खुद ही इस्तीफा दे दिया। रजिस्ट्रार को सोमवार को विदाई दी गई, जिसके साथ ही यूनिवर्सिटी में रजिस्ट्रार की कुर्सी खाली हो गई। इस संबंध में रजिस्ट्रार से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।

पांच महीने से रजिस्ट्रार की कुर्सी कब्जाने में जुटे, वीसी व नेताओं के चक्कर काटने लगे

दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी मुरथल में पांच महीने पहले जब रजिस्ट्रार प्रो. आरडी कौशिक का कार्यकाल खत्म हुआ था तो कई प्रोफेसर उस कुर्सी को कब्जाने के चक्कर में जुट गए। इस लाइन में चार प्रोफेसर लगे थे जो कभी वीसी के कार्यालय के चक्कर काटते रहे तो कभी भाजपा नेताओं व संघ के लोगों के चक्कर लगा रहे हैं। इस तरह से रजिस्ट्रार की कुर्सी के लिए यूनिवर्सिटी के कई प्रोफेसर पढ़ाई की जगह लॉबिंग में ज्यादा लगे हुए हैं। वह लॉबिंग अब रजिस्ट्रार के इस्तीफा देने के बाद तेज हो गई है और रजिस्ट्रार की विदाई के साथ ही भाजपा नेताओं से संपर्क साधने में लगे रहे।

रजिस्ट्रार का कार्यकाल खत्म हो गया था और उनको यूनिवर्सिटी की ओर से जिम्मेदारी दी गई थी। अब रजिस्ट्रार ने पारिवारिक कारणों से जिम्मेदारी नहीं संभाल पाने की बात कही है। जब तक किसी की नियुक्ति नहीं होती है, उस समय तक किसी को जिम्मेदारी मिलेगी।

  • प्रो. राजेंद्र अनायत, वीसी मुरथल यूनिवर्सिटी

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