गोहाना व गन्नौर में भी होगी टीबी की जांच, टूर नेट मशीन दी, कुछ घंटे में मिल जाएगी रिपोर्ट

गन्नौर गोहाना सोनीपत स्वास्थ्य

टीबी के मरीजों की पहचान करने व बिगड़ी हुई टीबी की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग ने गन्नौर व गोहाना स्वास्थ्य केंद्र पर टूर नेट मशीन दी है। इस मशीन के जरिये दो घंटे के अंदर पता चल सकेगा कि मरीज को टीबी है या नहीं। इसके साथ सिविल सर्जन ने टीबी शाखा का चार्ज अब डॉक्टर तरुण को दे दिया है। इससे पहले चार्ज डॉक्टर योगेश के पास था।

नागरिक अस्पताल को हर माह 274 व प्राइवेट अस्पतालों को 156 टीबी के मरीजों की जांच करनी होती है। यह जानकारी पोर्टल पर अपलोड करनी होती है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि काफी समय से प्राइवेट अस्पतालों के साथ को आॅर्डिनेशन ठीक नहीं रहा। यहां के मरीजों की रिपोर्टिंग समय पर नहीं दी गई।

यहीं कारण है कि इसका असर टीबी के मरीजों की जांच पर भी पड़ा। इसके साथ जिन प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों की जांच हुई उनके डॉक्टरों को तय राशि भी काफी समय से नहीं मिल पाई। इसलिए अब टीबी शाखा में सिविल सर्जन ने परिवर्तन किया है।

यह नई तैयारी : मॉनीटरिंग के लिए टीम बनी

टीबी शाखा द्वारा अब नई प्लानिंग की गई है। प्राइवेट अस्पतालों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वह टीबी के मरीज की जांच कर इसकी रिपोर्टिंग स्वास्थ्य विभाग को जरूर दें। मॉनिटरिंग करने के लिए तीन टीबी हेल्थ विजिटर व दो सीनियर टीबी सुपरवाइजर की ड्यूटी लगाई है। ताकि समय पर जांच होने के साथ प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर को उसका इन्सेंटिव भी मिल सके। डॉक्टर तरुण ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने 2021 में अब तक 450 के करीब टीबी के मरीजों की जांच की है।

टीबी शाखा की जिम्मेदारी दी गई है। गन्नौर व गोहाना में टूर नेट मशीन टीबी की जांच के लिए दी है। अब जांच के साथ मॉनीटरिंग भी की जाएगी, इसके लिए कमेटी बना दी गई है। –डॉ. तरुण, नोडल अधिकारी टीबी शाखा।

टीबी शाखा के काम की समीक्षा की गई। प्राइवेट अस्पताल के साथ काॅर्डिनेशन सहीं नहीं मिला। जिसके चलते जिम्मेदारी डॉक्टर तरुण को दी है। –डॉ. जसवंत पूनिया, सिविल सर्जन सोनीपत।

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