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अधिक रेट का जे-फार्म जारी करने पर किसान भावांतर योजना से हो रहे बाहर

सोनीपत

सब्जी मंडी में फसल बेचने पर किसानों को जे-फार्म या तो मिलता नहीं, यदि कोई किसान जिद्द करके जे-फार्म लेता है तो जिस रेट पर सब्जियां खरीदी है, उससे अधिक रेट लिखकर जारी कर दिया जाता है। इससे किसान भावांतर भरपाई योजना से बाहर हो रहे हैं। पुठी गांव के किसान ने बागवानी अधिकारी को शिकायत देकर कार्रवाई करने की मांग की है।

पुठी गांव के किसान विजय कुमार के अनुसार उसने खेत में गाजर लगाई है। पिछले कई दिनों से गाजर व अन्य सब्जियों के रेट कम मिल रहे हैं। मंडी में गाजर चार से पांच रु प्रति किग्रा के हिसाब से बिकती है। आढ़तियों द्वारा मजदूरी और मार्केट फीस काटने के बाद पेमेंट दी जाती है। कम रेट मिलने पर भावांतर योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करना था।

इसलिए आवेदन करने के लिए जरूरी जे-फार्म कटवाया, लेकिन मार्केट कमेटी ने उस पर सात रुपए का रेट लिख दिया। गाजर मंडी में बेचने पर जे-फार्म पर पांच रु का रेट लिखवाया तो मार्केट कमेटी के अधिकारी ने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। किसान ने बागवानी अधिकारी से मार्केट कमेटी अधिकारी से तालमेल बनाकर जिस रेट पर किसानों की सब्जी खरीदी जाती है। उसी रेट के जे-फार्म जारी कराने की मांग की है।

मजदूरी और मंडी तक आने-जाने का किराया भी नहीं निकल रहा

पुठी गांव के किसान राजबीर, अनूप, रवि, रामनिवास, नफे सिंह, मंदीप, बारू, संजय और तकदीर का कहना है कि किसानों को सब्जी का उचित रेट नहीं मिल रहा। फूलगोभी व गाजर जिस रेट में बिकती रही है, मजदूरी और मंडी आने-जाने का खर्चा भी पूरा नहीं होता। इसलिए कई किसान खड़ी फसल में ट्रैक्टर चला चुके हैं।

किसी किसान को नहीं मिला योजना का लाभ : गोहाना क्षेत्र के किसान सब्जी की खेती भी करते हैं। सरकार ने भावांतर भरपाई योजना 2018 में लागू की थी। योजना के अनुसार बाजार में निर्धारित रेट से कम में फसल बिकने पर उसकी भरपाई सरकार द्वारा की जाएगी। किसान को ऑनलाइन आवेदन करना होता है। इस योजना का लाभ किसी किसान को नहीं मिला है।

जे-फार्म को लेकर शिकायत मिली है

पुठी गांव के किसान ने जे-फार्म अधिक रेट का जारी करने की शिकायत दी है। आगामी कार्रवाई के लिए आला अधिकारियों के संज्ञान में मामला लाया गया है। वहीं, मामले की विभागीय स्तर पर जांच कराई जाएगी। जे-फार्म जारी कराने को लेकर मार्केट कमेटी के अधिकारियों के साथ मीटिंग की जाएगी। जिससे किसानों की समस्या का समाधान हो सके। प्रवीण कुमार, उपमंडल बागवानी अधिकारी, गोहाना।

किसान के आरोप बेबुनियाद हैं

कोई भी किसान फसल बेचने के बाद आढ़ती से जे-फार्म ले सकता है। इस बारे में आढ़तियों को भी निर्देश दिए गए हैं। जिस रेट में फसल बिकेगी, उसी रेट के अनुसार फार्म जारी होगा। किसान के आरोप बेबुनियाद हैं। जगजीत काद्यान, सचिव, मार्केट कमेटी, गोहाना।

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