after the hat trick vandana said i will pay tribute to my father by winning the medal

टोक्याे ओलिंपिक:हैट्रिक के बाद वंदना ने कहा- मेडल जीतकर पिता को दूंगी श्रद्धांजलि

ब्रेकिंग न्यूज़ सोनीपत

यकीनन वह पल बहुत मुश्किल था जब पिता नाहर सिंह के निधन के बाद उनके अंतिम दर्शन के लिए भी नहीं जा सकी थी, क्योंकि ओलिंपिक के लिए बेंगलुरू कैंप में थी। तभी मन में बड़ा संकल्प लिया था कि जिस सपने के लिए उन्होंने मुझे भेजा है, उसे पूरा कर देश का नाम रोशन करूंगी। वे चाहते थे कि मैं अपने दम पर देश को जिताऊं। आज मैंने अपना योगदान दिया। अब मेडल जीतकर उन्हें श्रद्धांजलि दूंगी। यह कहना है भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया का।

वंदना ने द. अफ्रीका के खिलाफ हैट्रिक जमाई। उनके इस प्रदर्शन की मदद से भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 4-3 से हराया। टीम की ओलिंपिक में दूसरी जीत है। 1980 में आखिरी बार टीम ने एक ओलिंपिक में दो मुकाबले जीते थे। वंदना ने चौथे, 17वें, 49वें और नेहा गोयल ने 32वें मिनट में गोल किए। वंदना भारत के लिए ओलिंपिक में हैट्रिक लगाने वाली पहली महिला खिलाड़ी हैं।

नेहा, मोनिका व कप्तान रानी ने भी किया कमाल
पहली बार भारत ने ओलिंपिक इतिहास में महिला हॉकी में लगातार दो मुकाबले जीते। इस जीत में 3 खिलाड़ियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। वंदना के साथ सोनीपत की नेहा ने कप्तान रानी के पास पर गोल कर टीम को बढ़त दिलाई तो अनुभवी मोनिका मलिक ने अंतिम क्षणो में निर्णायक रेफरल लेकर टीम को हार के खतरे से बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई।

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