Jammu : कश्मीर में लौट आई है फिल्म संस्कृति, घाटी में 100 सिनेमा हॉल खोलने के लिए बैंक में लोन प्रस्ताव

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Loan proposal in bank to open 100 cinema halls in Kashmir

Cinema Hall in Kashmir , file pic
– फोटो : अमर उजाला

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अनुच्छेद 370 हटने के बाद पिछले चार साल में कश्मीर के माहौल में आए बदलाव से तेजी के साथ घाटी में फिल्म संस्कृति बढ़ रही है। आतंकवाद के दौर में बंद हो चुके सिनेमा हॉल भी खुलने लगे हैं। अब तक एक मल्टीप्लेक्स तथा चार सिनेमा हॉल खुल चुके हैं। सिनेमा प्रेमियों के बढ़ते रुझान को देखते 100 सिनेमा हॉल खोलने की तैयारी की जा रही है, जिनके बैंक में लोन प्रस्ताव विचाराधीन हैं।

दरअसल 1990 में जब आतंकवाद का दौर शुरू हुआ तो घाटी से बॉलीवुड धीरे-धीरे दूर हो गया। हमलों के बाद सिनेमा हॉल बंद हो गए। डॉ. फारूक अब्दुल्ला सरकार ने सिनेमा हॉल खुलवाने के प्रयास किए थे, लेकिन यह परवान नहीं चढ़ सका। अनुच्छेद 370 हटने के बाद जब आतंकवाद पर अंकुश लगा। अलगाववाद का शोर थम गया। पत्थरबाजी रुक गई तो बदले माहौल के बीच सरकार के प्रयास से 2021 से शोपियां, पुलवामा, बारामुला व हंदवाड़ा में सिनेमा हॉल खोले गए।

उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने स्वयं इन हॉल में पहला शो देखकर लोगों का हौसला बढ़ाया। इस बीच घाटी का पहला मल्टीप्लेक्स श्रीनगर में खुला, जहां अब युवक युवतियां देर रात तक बेखौफ सिनेमा देख रहे हैं। इसके चलते नाइट लाइफ भी आबाद हो गई है। उधर, सरकार ने नई फिल्म नीति घोषित की। आकर्षक सब्सिडी के ऑफर दिए गए। बदले माहौल व हिंसा से दूर कश्मीर की वादियां फिर से बॉलीवुड को भाने लगीं। सरकार के पास नई फिल्म नीति बनने के बाद 300 से अधिक फिल्मों की शूटिंग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इनमें से 100 से अधिक फिल्मों की शूटिंग न केवल श्रीनगर बल्कि कश्मीर के अलग अलग हिस्सों में हुईं। सरकार के पास अब भी शूटिंग के प्रस्ताव आ रहे हैं। इससे स्थानीय कलाकारों को भी रोजगार के साधन मिल रहे हैं।

हॉल खुले, लेकिन कोई विरोध नहीं

जहां कहीं भी सिनेमा हॉल खुले हैं वहां 2019 के पहले आतंकवाद, अलगाववाद व पत्थरबाजों का राज रहा है। लेकिन फिल्म हॉल खुलने के बाद भी न तो विरोध हुआ और न ही किसी प्रकार की धमकी मिली। आतंकवाद के दौर में कोई फिल्म हॉल खोलने का साहस तक नहीं दिखा पाता था। आम कश्मीरी अपने परिवार के साथ फिल्मों को लुत्फ ले रहा है। अब कश्मीर के लोग इस बात से खुश नजर आ रहे हैं कि उन्हें मनोरंजन के लिए फिल्म हॉल जैसा साधन उपलब्ध हो गया है।

अनुच्छेद 370 जाने से कश्मीर में आतंकवाद घटा है जिसके कारण वहां अच्छा वातावरण बना है और इसी के कारण वहां इतना विकास हो सका है। आतंकवाद के 30 सालों के बाद 2021 में जम्मू और कश्मीर में पहली बार सिनेमा हॉल खुला। 100 से अधिक फिल्मों की शूटिंग शुरू हो गई। लगभग 100 सिनेमा हॉल्स के लिए बैंक लोन के प्रस्ताव बैंकों में विचाराधीन हैं।

– अमित शाह, गृह मंत्री-संसद में

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